‘आदेश नहीं दिया गया तो देश जल उठेगा’, CJI सूर्यकांत बोले- हम देख रहे हैं; ज्ञानेश कुमार मामले पर ECI को नोटिस

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 मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग के दो अन्‍य सदस्‍यों को दरकिनार कर फैसला लेने का आरोप लगा है. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसपर CJI सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सोमवार 5 अक्‍टूबर 2026 को सुनवाई की. इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

 चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) द्वारा कथित तौर पर दोनों चुनाव आयुक्तों को नजरअंदाज कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसले लेने के आरोपों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं. याचियों की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने पहले दलील देते हुए कहा कि देश के नागरिकों को ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग की विश्‍वसनीयता दांव पर है. ऐसे में यदि इस मामले में अंतरिम आदेश नहीं दिया गया तो देश जल उठेगा. इसपर CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को देख रहा है. साथ ही शीर्ष अदालत ने ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने को लेकर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है. अब इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी.
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलीलें रखते हुए कहा कि संबंधित कानून में चुनाव आयोग के फैसले लेने की प्रक्रिया स्पष्ट है. उनके मुताबिक आयोग को फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लेने होते हैं और किसी एक पदाधिकारी द्वारा अकेले निर्णय नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी एक निर्णय का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की संस्थागत कार्यप्रणाली और उसकी विश्वसनीयता से जुड़ा है. विकास सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि देश का हर नागरिक महसूस कर रहा है कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता दांव पर है. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग किसी भी अन्य संवैधानिक प्राधिकरण की तुलना में बेहद शक्तिशाली स्थिति में हैं. उन्होंने सीईसी को मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि जिस तरह की सुरक्षा सीईसी को प्राप्त है, वह न्यायाधीशों या प्रधानमंत्री को भी नहीं मिलती. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य आपत्ति संरक्षण के मुद्दे पर नहीं है.

सीईसी ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने पर अंतरिम आदेश से इनकार

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत से सीईसी को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की. सुनवाई के दौरान उन्होंने अंतरिम आदेश की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यदि ऐसा आदेश नहीं हुआ तो देश में स्थिति बिगड़ सकती है और लोगों के भीतर इस मामले को लेकर गुस्सा है. हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने ज्ञानेश कुमार को अंतरिम तौर पर निलंबित करने की मांग ठुकरा दी. चुनाव आयोग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने के लिए अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया. दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया है.

हम देख रहे हैं – CJI सूर्यकांत