‘राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री पद के लिए बने अधिकतम आयु नियम’: शिवसेना सांसद संजय राउत

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शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लिए नेतृत्व की अधिकतम अवधि या उम्र को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने यह बयान पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर दिया है।

‘राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री पद के लिए बने अधिकतम आयु नियम’: शिवसेना सांसद ने क्यों उठाई आवाज, मांगों में और क्या?

मुंबई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे शीर्ष संवैधानिक पदों पर रहने वाले लोगों के लिए नेतृत्व की उम्र को लेकर एक नियम तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के 75 वर्ष की आयु पूरी करना एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लिए उम्र की सीमा पर नियम की मांग
संजय राउत ने कहा कि देश में ऐसा नियम बनाया जाना चाहिए, जिसके तहत यह तय हो कि प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति कितने समय तक देश का नेतृत्व कर सकते हैं। उनके मुताबिक, इस विषय पर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए और यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन के संदर्भ में बयान
राउत का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था और आज वह 75 वर्ष के हो गए हैं। इसी संदर्भ में राउत ने उम्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि 75 वर्ष की आयु एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बयान में किसी का नहीं लिया नाम
राउत ने अपने बयान में किसी एक व्यक्ति तक बात सीमित रखने के बजाय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पदों के लिए व्यापक नियम बनाए जाने की बात कही। उनका कहना है कि देश में शीर्ष नेतृत्व की अवधि को लेकर स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए। उनका यह बयान राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है और इसे प्रधानमंत्री मोदी की उम्र तथा उनके नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज
संजय राउत के इस बयान ने राजनीतिक चर्चा को एक नया मुद्दा दे दिया है। हालांकि, भारत में प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने के लिए संविधान में ऐसी कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की अवधि संसद में बहुमत और अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़ी होती है।