‘मोदी-शाह का नाम सुनते ही कांपते थे’: CJP के आंदोलन में मणिशंकर अय्यर ने सरकार पर साधा निशाना; क्या-क्या कहा?
मणिशंकर अय्यर जंतर-मंतर में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं की तारीफ और सरकार की आलोचना की। पेपर लीक से लेकर उमर खालिद-शरजील इमाम के मामलों का भी जिक्र किया। जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा।
नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पीढ़ी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी से डर गई थी। लेकिन आज के युवाओं ने सबको निडर रहना और तानाशाही के खिलाफ खड़े होना सिखा दिया है। अय्यर अपनी पत्नी सुनीत के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। वहां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पीढ़ी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी से डर गई थी। लेकिन आज के युवाओं ने सबको निडर रहना और तानाशाही के खिलाफ खड़े होना सिखा दिया है। अय्यर अपनी पत्नी सुनीत के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। वहां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, हमने उमर खालिद और शरजील इमाम का मामला देखा है। अय्यर ने कहा, उमर खालिद और शरजील इमाम पिछले पांच से छह साल से जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक उनके खिलाफ आरोप भी ठीक तरह से तय नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा, ऐसे माहौल में हम डरे हुए थे। मैंने भी आवाज उठाने की कोशिश की, लेकिन मन में डर था। आज मैं देख रहा हूं कि आप लोग बिल्कुल निडर हैं। हम यहां यही सीखने आए हैं।
गांधी और नेहरू का जिक्र क्यों किया?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस देश को निडर बनने की जरूरत है। (देश के पहले प्रधानमंत्री) जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में ‘फिर गांधी आए’ नाम के अध्याय में लिखा था कि गांधी ने हमारे दिल से डर निकाल दिया। 1915 में एक गांधी ने हमें निडर होना सिखाया था। आज यहां मैं हजारों गांधी देख रहा हूं। आपने हमें भरोसा दिलाया है कि हमें तानाशाही का सामना करना है और उसे सहन नहीं करना है।
