सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, भरत तिवारी जवइनिया गांव के कटाव पीड़ितों के पुनर्वास के लिए आवाज उठा रहा था।
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस हो रही है। लोग भरत तिवारी को सिस्टम की नाकामी के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक विद्रोही नायक के रूप में देख रहे हैं। कटाव पीड़ितों के हक में शुरू हुई लड़ाई पुलिस एनकाउंटर के आगे थम गई, जिसके बाद कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जनहित की लड़ाई या ‘सिस्टम’ से टकराव?
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, भरत तिवारी जवइनिया गांव के कटाव पीड़ितों के पुनर्वास के लिए आवाज उठा रहा था। प्रशासन ने पीड़ितों को बिलौटी गांव के पास एक गहरे गड्ढे वाली जमीन आवंटित की थी, जिसका भरत लगातार विरोध कर रहा था। वह गड्ढे में 8-10 फीट मिट्टी भरने की मांग कर रहा था। वहीं जब उसकी यह मांग नहीं मानी गई तो उसने हथियार उठा लिया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से भरत फेसबुक लाइव आकर खुलेआम अवैध पिस्तौल लहराते हुए प्रशासन के खिलाफ बोल रहा था। हालांकि, आखिर में वह सिस्टम के आगे हार गया। जिस गड्ढे के लिए वह लगातार संघर्ष कर रहा था, उसी के पास वह एनकाउंटर में मारा गया।
एनकाउंटर की कहानी
बता दें कि 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के खेतों में उस समय मुठभेड़ हुई, जब पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीम भरत को गिरफ्तार करने पहुंची थी। बताया जाता है कि इस दौरान भरत हथियार लहराते हुए खेतों की तरफ भागा। पुलिस का दावा है कि भरत ने सरेंडर का नाटक किया। पुलिस द्वारा चारों तरफ से घिरने के बाद भरत ने अपनी पिस्तौल को कुछ दूरी पर फेंक दिया और जैसे ही पुलिसकर्मी उसे उठाने के लिए आगे बढ़े, उसने तेजी से झपटकर दोबारा हथियार उठा लिया। इसी दौरान भरत ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी, जिसकी एक गोली पुलिस वैन के बोनट पर लगी। आत्मरक्षार्थ कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष ने अपनी सरकारी पिस्तौल से एक राउंड गोली चलाई, जिससे भरत की मौत हो गई। इस मुठभेड़ को लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
परिवार पर भी कसा शिकंजा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन ने भरत तिवारी के परिवार पर भी कानूनी शिकंजा कस दिया है। घर में अवैध हथियार छिपाने के आरोप में उसके पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
