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ईरान में विद्रोह हुआ हिंसक, सड़कों पर तड़ातड़ चली गोलियां, बिछ गई लाशें

ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के बीच आज एक चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आज सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई. बताया जा रहा है कि सरक्षाकर्मियों ने प्रोटेस्टर्स को रोकने की कोशिश में बल का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से बात गोलीबारी तर पहुंच गई. दावा किया जा रहा है कि झड़प के दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई है.
तेहरान
ईरान में पिछले काफी दिनों से जबरदस्त बवाल जारी है. पहले गिरती अर्थव्यस्था से गुस्साए व्यापारी सड़कों पर उतरे फिर छात्रों ने भी ये प्रदर्शन ज्वाइन किया. सरकार की घटिया पॉलिसीज को लेकर हो रहे इन प्रदर्शनों की वजह से ईरान में तख्ता पलट का खतरा बढ़ गया. परेशान सरकार ने कई बार बातचीत की पेशकश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. वहीं, अब ये प्रदर्शन हिंसक हो चुका है. दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों और सरकारी सुरक्षा बलों ने एक-दूसरे पर गोलियां चलाई हैं, जिसके बाद सड़कों पर लाशें बिछने की खबर आ रही है.
ईरान की सड़कों पर लाशें?
ईरान में प्रदर्शनों के हिंसक होने की खबर फार्स न्यूज एजेंसी ने दी है, जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरदेगन में प्रदर्शनकारियों और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच खतरनाक झड़प हुई. इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से गोलियां चलाने का दावा किया जा रहा है. न्यूज एजेंसी ने बताया कि इस हिंसक झड़प में कई लोगों की मौत हो गई है. हाल ही में एक सुरक्षाकर्मी की मौत की पुष्टि कर दी गई है लेकिन अभी तक मौत के पूरे आंकड़े नहीं आए हैं.
जगह-जगह पर चक्का जाम
बता दें कि पूरे देश में आर्थिक संकट गहराने के बाद लोगों का गुस्सा फूटा है. कई ईलाकों में चल रहे प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक होते जा रहे हैं. वहीं, प्रदर्शन के चौथे दिन तोड़-फोड़ और आगजनी की खबरें गुरुवार सुबह से ही आ रही थीं लेकिन अचानक गोलियां भी चलने लगी हैं. बताया जा रहा है कि ईरान में जगह-जगह चक्का जाम किया गया है. दुकानों से लेकर दफ्तर और स्कूल तक बंद कर दिए गए हैं. सड़कों पर हजारों लोग सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.
कैसे हिंसक हुआ प्रदर्शन?
गुस्से में सरकारी इमारतों में भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की कोशिश की तब सुरक्षाबलों ने उन्हें नियंत्रित करने के बल का इस्तेमाल किया. इसके बाद प्रोटेस्ट करने वालों का गुस्सा सुरक्षाबलों की तरह मुड़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में हिंसक झड़प शुरू हो गई जो गोलीबारी तक पहुंच गई.




