कांग्रेस को कमजोर करने के सवाल पर केजरीवाल का राहुल गांधी पर तंज, अन्ना और नीतीश पर भी बोले

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उन आरोपों का जवाब दिया है जिसके तहत कहा जाता है कि उनकी पार्टी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रही है और इससे भाजपा को फायदा हो रहा है।
आम आदमी पार्टी (आप) इन दिनों गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। दोनों ही राज्यों में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सत्ता छीनना चाहती है। ऐसे में ‘आप’ की एंट्री के बाद विपक्ष के वोट में बंटवारे से भाजपा को फायदा और कांग्रेस को नुकसान होने की बात कही जा रही है। आरोप लगता है कि ‘आप’ कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रही है। दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस सवाल पर जवाब दिया है। उन्होंने इसे खारिज करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा। केजरीवाल ने 2024 को लेकर विपक्षी एकता को लेकर हो रहे प्रयास पर जवाब दिया तो एक सवाल के जवाब में अन्ना का भी नाम लिया।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में केजरीवाल से सवाल किया गया कि कांग्रेस कह रही है कि आप भाजपा से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुजरात में भी कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा को नुकसान पहुंचा रहे हैं? केजरीवाल ने इसके जवाब में हंसते हुए कहा, ”एक चीज बताओ, कांग्रेस को कमजोर करने के लिए मेरी जरूरत है? क्या राहुल गांधी पर्याप्त नहीं हैं? भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सवाल पर केजरीवाल ने कहा, ”करें अच्छा है, करना चाहिए। सबको कुछ ना कुछ अच्छा करना चाहिए। वो लोग कर रहे हैं, उनके शुभकामनाएं।”
नीतीश कुमार और ममता बनर्जी की विपक्षी एकता की कोशिश को लेकर किए गए सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा, ”इस देश के नेताओं को इकट्ठा करने से देश नंबर वन नहीं बनेगा, 130 करोड़ लोगों के अलायंस से देश नंबर वन बनेगा। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन यह जोड़तोड़ की राजनीति, यह अलायंस मुझे समझ नहीं आते। राजनीति उनके जिम्मे, स्कूल, अस्पताल, बिजली के लिए मुझे बुला लो। आप कहो अलायंस होगा, सीट अडजस्टमेंट… यह सब मुझे समझ नहीं आता। यह उनके जिम्मे।”
क्या ‘आप’ अकेले ही लड़ना चाहती है? इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”130 करोड़ लोग जिस दिन खड़े हो गए, एक बार अन्ना आंदोलन में खड़े हुए थे। उस वक्त की सरकार हिल गई थी। 130 करोड़ लोग इकट्ठा हो गए तो सारी सरकारों को काम करना पड़ जाएगा। एक पॉजिटिविटी आएगी। आज इतनी निगेटिविटी आ गई है। ऐसे देश आगे नहीं बढ़ेगा। हमें देश में पॉजिटिवि एनर्जी इकट्ठी करनी पड़ेगी। देश के टीचर, इंजीनियर, मजदूर, किसान जब सब मिलकरक धक्का लगाएंगे तो देश नंबर वन बन जाएगा।”




