घर से दरिद्रता दूर करने के लिए तुलसी के पौधे की करें पूजा, पत्ते को छूकर बोलें ये मंत्र

धर्म

तु़लसी का पौधा आपके शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति भी देता है.

 

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. कहते हैं घर में जहां तुलसी का पौधा लगा होता है, वहां त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और शंकर का निवास होता है.

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना जाता है. कहा जाता है कि तुलसी के जड़ों के पास भगवान विष्णु (Lord Vishnu) खुद शालिग्राम के रूप में निवास करते हैं. मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है उस घर से नकारात्मकता दूर हो जाती है और घर में खुशियों का वास होता है. साथ ही उस घर में माता तुलसी जी की कृपा से धन (Money) की प्राप्ति होती है. तु़लसी का पौधा शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति भी देता है और शरीर को निरोग रखता है. मान्यता है कि तुलसी के पत्ते को खाने से शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से शरीर दूर रहता है. मान्यता है कि घर में तुलसी का पौधा होने पर नियमित रूप से उसकी पूजा की जानी चाहिए. शाम को तुलसी के आगे दीपक जलाना चाहिए. इतना ही नहीं, कहते हैं कि घर में तुलसी का पौधा होने से दरिद्रता और दुर्भाग्य कभी नहीं आता.

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. कहते हैं घर में जहां तुलसी का पौधा लगा होता है, वहां त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और शंकर का निवास होता है. कहते हैं कि अगर तुलसी के पौधे को छूकर इस खास मंत्र का जाप किया जाए, तो आप मनचाहा फल पा सकते हैं. आइए जानते हैं इस खास तुलसी मंत्र के बारे में और मंत्र का जाप कैसे करें.

तुलसी मंत्र

 

‘महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते’

 

कहते हैं इस मंत्र का जाप नियमित रूप से तुलसी के पत्ते या पौधे को छूते हुए करना चाहिए. इससे व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं.

 

मंत्र का जाप करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

 

-कहते हैं कि तुलसी मंत्र का जाप करने से पहले अपने ईष्टदेव की पूजा जरूर करें. इसके बाद ही तुलसी मंत्र का जाप करना चाहिए.

-तुलसी मंत्र का जाप करने से पहले तुलसी को प्रणाम करें और पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें.

-इसके बाद तुलसी जी का श्रृंगार करें. श्रृंगार में हल्दी और सिंदूर चढ़ाएं.

 

-इसके बाद तुलसी जी के आगे घी का दीपक, धूप और अगरबत्ती जलाएं.

 

-फिर उनकी 7 बार परिक्रमा करें और ऊपर बताएं गए मंत्र का जाप करें.

 

-इसके बाद तुलसी जी को छूकर अपनी सभी मनोकामनाएं बोल दें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. CRIME CAP NEWS  इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)