अमेरिका में गुजरात के ड्रग सप्लायर को साढ़े 4 साल की जेल: विटामिन C और एंटासिड बताकर भेजता था घातक ‘फेंटानिल’ बनाने वाले केमिकल्स

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अमेरिका की एक संघीय अदालत ने गुजरात के सूरत के रहने वाले 37 वर्षीय भारतीय नागरिक भावेश रणछोड़भाई लाठिया को घातक सिंथेटिक ड्रग फेंटानिल (Fentanyl) बनाने वाले रसायनों की तस्करी करने के आरोप में 54 महीने (लगभग साढ़े चार साल) की कैद की सजा सुनाई है।

 

न्यूयॉर्क/सूरत

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने गुजरात के सूरत के रहने वाले 37 वर्षीय भारतीय नागरिक भावेश रणछोड़भाई लाठिया को घातक सिंथेटिक ड्रग फेंटानिल (Fentanyl) बनाने वाले रसायनों की तस्करी करने के आरोप में 54 महीने (लगभग साढ़े चार साल) की कैद की सजा सुनाई है। भावेश इन प्रतिबंधित रसायनों को विटामिन C और एंटासिड (एसिडिटी की दवा) की गोलियों के रूप में छिपाकर अमेरिका भेजा करता था।

सजा पूरी होने पर किया जाएगा भारत डिपोर्ट
न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ब्रुकलिन की संघीय अदालत में अमेरिकी जिला न्यायाधीश पामेला के. चेन ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। भावेश रणछोड़भाई लाठिया (जिसे भावेश भाई, भावेश पटेल और भावेश लाठिया के नाम से भी जाना जाता है) की जेल की सजा मार्च 2031 में पूरी होगी, जिसके तुरंत बाद उसे भारत वापस डिपोर्ट (निर्वासित) कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 24,560 डॉलर (लगभग 23 लाख रुपये) का जुर्माना (फॉरफिचर) भी लगाया है।

सूरत की कंपनी से चलाया जा रहा था अवैध नेटवर्क
भावेश लाठिया सूरत स्थित फर्म ‘रैक्सूटर केमिकल्स’ (Raxuter Chemicals) का संस्थापक और मुख्य संचालक था। इस कंपनी के जरिए उसने अमेरिका में फेंटानिल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 50 पाउंड से अधिक रसायनों की अवैध बिक्री और तस्करी की थी। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, भारत स्थित किसी सप्लायर से जुड़ा यह अपनी तरह का पहला अमेरिकी मामला है।

अधिकतम 53 साल की हो सकती थी सजा
भावेश को जनवरी 2025 में न्यूयॉर्क शहर से गिरफ्तार किया गया था। उस पर प्रतिबंधित रसायनों के आयात-वितरण की साजिश रचने, तस्करी और फेंटानिल निर्माण के लिए रसायनों की सप्लाई करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन मामलों में उसे अधिकतम 53 साल तक की जेल की सजा हो सकती थी। हालांकि, अप्रैल 2026 में कोर्ट के समक्ष खुद ही अपना गुनाह कबूल कर लेने के कारण उसकी सजा की अवधि कम हो गई।