कांग्रेस विरोध प्रदर्शन: राहुल गांधी को उठाकर ले गई दिल्ली पुलिस, प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया

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Congress Protest: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा सांसद राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा.

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दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन पर बैठे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया है. हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “यह अंत नहीं है; यह राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत है. वे हमें जेल में डाल सकते हैं, लाठीचार्ज कर सकते हैं या हमारे साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मोदी जी को भारत के उन लाखों बेटे-बेटियों को जवाब देना होगा जिन्होंने पेपर लीक के कारण अपना भविष्य खो दिया है और अपने परिवारों की उम्मीदों को खत्म होते देखा है. यह क्रांति अब एक प्रचंड आग का रूप लेगी; राहुल गांधी के नेतृत्व में इसे रोका नहीं जा सकेगा.”

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी की गई : पवन खेड़ा

राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “सब कुछ आपके सामने है. देखिए, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत हमारे नेताओं के साथ किस तरह बदसलूकी की गई. क्या हम आज के देश में ऐसा माहौल चाहते हैं? क्या आपको देश में लोकतंत्र दिखाई दे रहा है? हम यहां फिर से विरोध प्रदर्शन करने आएंगे.”

धरना स्थल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से की मुलाकात, फिर नहीं बनी बात

 

 

 

 

 

 

 

 

धरना शुरू होने के कुछ देर बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बात की और धरना खत्म करने का आग्रह किया. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था. जितेंद्र सिंह ने बताया, “राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास के बाहर का क्षेत्र प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी. बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार ‘नीट’ (NEET) और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, तो वह धरना समाप्त कर देंगे. इस पर उन्हें आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं. जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है.”