‘खुद को संविधान से ऊपर न समझें’-चुनाव आयोग: पी चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव एन मुरुगनंदम को हटाने के चुनाव आयोग के फैसले को असंविधानिक बताया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की नजीर देते हुए कहा कि आयोग को खुद को ‘राज्य के भीतर राज्य’ जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। डीएमके और कांग्रेस ने इसे आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की साजिश बताया है।
नई दिल्ली
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य के मुख्य सचिव के तबादले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर हमला बोला है। चिदंबरम ने चुनाव आयोग को आगाह करते हुए कहा कि उसे ‘इम्पेरियम इन इम्पेरियो’ यानी ‘राज्य के भीतर राज्य’ जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, चुनाव आयोग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव एन मुरुगनंदम का अचानक तबादला कर दिया। उनकी जगह एमसाई कुमार को नियुक्त करने का आदेश दिया गया। मुरुगनंदम को एक निष्पक्ष और ईमानदार अधिकारी माना जाता है। आयोग के इस फैसले पर ही चिदंबरम ने सवाल उठाए है।
पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास निष्पक्ष चुनाव कराने की शक्ति जरूर है, लेकिन यह शक्ति असीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी चेतावनी दी है कि चुनाव आयोग को खुद को एक स्वतंत्र साम्राज्य की तरह नहीं देखना चाहिए। आयोग को संविधान के दायरे में रहकर ही काम करना होगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल
चिदंबरम अकेले नहीं हैं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी इस फैसले को ‘लोकतंत्र के लिए शर्मनाक’ बताया है। नेताओं का तर्क है कि अगर चुनाव आयोग को अधिकारियों के कामकाज पर शक था, तो ऐसी ही कार्रवाई असम जैसे अन्य चुनावी राज्यों में क्यों नहीं की गई? चिदंबरम ने आरोप लगाया कि आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में अनावश्यक दखल दे रहा है।
2026 चुनाव का सियासी समीकरण
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद है, जिसमें एक तरफ डीएमके-कांग्रेस गठबंधन है, दूसरी तरफ एआईएडीएमके-भाजपा और तीसरी तरफ अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके मैदान में है। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव की निगरानी करना है, न कि चुनी हुई सरकारों के प्रशासनिक ढांचे को बिना किसी ठोस कारण के तहस-नहस करना।




