दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने सैकड़ों पत्रकारों को घसीटते हुएन्यूज एजेंसी यूएनआई परिसर खाली कराया

कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

 

मीडिया और स्वतंत्र पत्रकारिता के खिलाफ अनवरत अभियान चला रही और उनको मुकदमेबाजी में फंसा रही दिल्ली पुलिस ने वह कारनामा कर दिखाया है जो अंग्रेज हुकूमत के समय ही सुनाई पड़ता था।

अप्रत्याशित घटनाक्रम में शुक्रवार देर शाम दिल्ली के रफ़ी मार्ग स्थित देश की सुप्रसिद्ध समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया के परिसर को दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 500 से ज्यादा जवानों और अफसरों के घेरकर बिना किसी पूर्व नोटिस के जबरन खाली करा लिया।

ऑन ड्यूटी पत्रकारों से खाली कराया परिसर

महत्वपूर्ण है कि यूएनआई का दफ्तर दिल्ली के रफ़ी मार्ग पर जिस जगह है उसके ठीक सामने INS बिल्डिंग है जिसके देश के सभी प्रतिष्ठित समाचार पत्रों का दफ्तर है। जिस वक्त पुलिस यह कार्रवाई कर रही थी परिसर के सैकड़ों पत्रकार समाचार संप्रेषण का काम कर रहे थे।

न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई का दावा
UNI ने अपने डिस्पैच के कहा है कि आज अचानक कुछ सरकारी अधिकारी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 300 जवानों तथा अधिकारियों और कुछ वकीलों के साथ परिसर में घुस आये और कर्मचारियों से तुरंत न्यूजरूम खाली कर परिसर से बाहर जाने का दबाव डालने लगे।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश से की जा रही है, लेकिन वे कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आराम से बाहर नहीं निकलते हैं तो उन्हें बल प्रयोग करना पड़ेगा।

मीडिया के साथ बदलूकी का बड़ा इतिहास

दिल्ली पुलिस द्वारा मीडिया पर दबाव बनाए जाने की खबर लागतार सुर्खियों में रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2023 में चीनी फंडिंग के आरोपों में NewsClick के दफ्तर और उससे जुड़े लगभग 46 पत्रकारों के घरों पर छापेमारी की थी।

इसमें संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें मई 2024 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिहा किया गया।मोहम्मद ज़ुबैर को जून 2022 में एक ट्वीट के मामले में गिरफ्तार हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सभी मामलों में अंतरिम जमानत देते हुए उनकी गिरफ्तारी को अनुचित बतायाम इसी तरह से मनदीप पूनिया नाम के स्वतंत्र पत्रकार को जनवरी 2021 में किसान आंदोलन कवर करते समय सिंधु बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें कुछ दिनों बाद कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया।

महिला कर्मचारियों को घसीट कर निकाला

बताया जा रहा है कि परिसर को खाली कराने के लिए कर्मचारियों ने जब कुछ समय देने और कंपनी प्रबंधन के आने का इंतजार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस इस महिला कर्मचारियों सहित कुछ कर्मचारियों को जबरन घसीटकर और धक्का देकर उनकी सीटों से हटाया और न्यूजरूम से बाहर निकाला। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच भी किया गया।

क्या कह रही दिल्ली पुलिस

इस कार्रवाई पर द प्रिंट के अनुसार पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सचिन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया और कोई भी गलत काम नहीं हुआ, क्योंकि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूमि आवंटन रद्द किये जाने के फैसले को यूएनआई द्वारा चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस आदेश के बाद दिल्ली पुलिस पर्याप्त बल के साथ 9-रफी मार्ग स्थित परिसर को सील करने पहुंची।

यह मामला केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) द्वारा जारी एक आदेश से संबंधित था, जिसमें समाचार एजेंसी को परिसर खाली करने के लिए कहा गया था।

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