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सरकार ने जीएसटी घटाई और कंपनियों ने बढ़ा दिए दाम, हिसाब बराबर, 4 महीने में खत्‍म हो गई सारी राहत, अब सब महंगा

चार महीने की चांदी और फिर अंधेरी रात. कुछ ऐसा ही नजारा देश की एफएमसीजी कंपनियों ने अपने ग्राहकों को दिखाया है. सरकार ने पिछले साल 22 सितंबर को जीएसटी कटौती करके जनता को सस्‍ते सामान का तोहफा दिया था. लेकिन, 4 महीने ही बीते हैं और कंपनियों ने दोबारा सारी चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं. उनका कहना है कि रुपये में गिरावट से आयात महंगा हो गया और उत्‍पादन लागत भी बढ़ रही है. ऐसे में कीमतों का दबाव ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है.

नई दिल्‍ली.
तू डाल-डाल, मैं पात-पात. यह बात सरकार और कंपनियों के हालिया समीकरण पर सटीक बैठती है. सरकार आम आदमी को राहत दिलाने की कितनी भी कोशिश क्‍यों न कर ले, कंपनियों ने ठान रखा है कि हम नहीं मिलने देंगे. अभी 4 महीने पहले ही तो सरकार ने रोजमर्रा इस्‍तेमाल होने वाले 200 से भी ज्‍यादा आइटम पर जीएसटी घटाकर आम आदमी को राहत दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन कंपनियों ने इन सभी प्रोडक्‍ट के दाम बढ़ाकर इस राहत को एक झटके में छीन लिया और सरकार की मंशा पर भी पानी फेर दिया.

एफएमसीजी कंपनियों ने तेल, साबुन, टूथपेस्‍ट सहित तमाम दैनिक उपयोग वाली चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. उनका कहना है कि लागत में बढ़ोतरी की वजह से इन वस्‍तुओं के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है. डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट से कच्‍चे माल का आयात महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर उत्‍पादन लागत पर दिख रहा. ऐसे में इन प्रोडक्‍ट की कीमतों में बढ़ोतरी करना मजबूरी हो गया है.
दुकानों पर पहुंच गए महंगे वाले सामान
डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स का कहना है कि डिटर्जेंट, हेयर ऑयल से लेकर चॉकलेट, बिस्‍कुट, नूडल्‍स, अनाज समेत तमाम रोजमर्रा के इस्‍तेमाल की चीजों के दाम बढ़ गए हैं. इस महीने के आखिर तक इन चीजों के बढ़े दाम वाली पैकेट खुदरा दुकानों पर पहुंच जाएगी और ग्राहकों को भी महंगी कीमत पर सारे सामान मिलेंगे. जीएसटी कटौती के बाद इन सभी की खपत 6 फीसदी बढ़ गई थी, लेकिन अब फिर से बिक्री पर दबाव पड़ सकता है
डाबर और टाटा ने कितना बढ़ाया दाम
डाबर इंडिया के सीईओ ने बताया कि चालू वित्‍तवर्ष की चौथी तिमाही में वस्‍तुओं के दाम 2 फीसदी तक बढ़ाए हैं, जो अगले साल भी लागू रहेंगी. टाटा कंज्‍यूमर प्रोडक्‍ट के प्रबंध निदेशक ने भी कहा है कि चाय की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. जनवरी से अप्रैल तक इस बढ़ोतरी की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद आगे कीमतें बढ़ाने पर फैसला करेंगे. जाहिर है कि इन दोनों कंपनियों के प्रोडक्‍ट आने वाले दिनों में महंगे हो जाएंगे.
एचयूएल ने महंगा कर दिया सामान
सर्फ एक्‍सेल और रिन जैसे प्रोडक्‍ट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्‍तान यूनिलिवर ने भी तेल, साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट और पर्सनल केयर उत्‍पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है. कंपनी का कहना है कि इन सभी उत्‍पादों को बनाने में वनस्‍पति तेल का इस्‍तेमाल होता है, जिसका आयात महंगा हो गया है. लिहाजा उत्‍पादन लागत बढ़ने की वजह से इसकी कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है. बाजार में बढ़ी हुई कीमत वाली पैकेट भी जल्‍द ही पहुंच जाएगी.

 

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