नौकरी के नाम पर 7 साल तक दरिंदगी, दुर्ग में 7 गिरफ्तार, फॉरेंसिक जांच तेज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात साल तक शोषण के आरोप हैं. जांच में सरकारी गाड़ियों और रेस्ट हाउस के इस्तेमाल की बात सामने आई है. पुलिस ने दो वाहन और मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है.
महिला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता वर्ष 2018 में अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी. मां को घरेलू काम दिलाया गया और रहने के लिए क्वार्टर उपलब्ध कराया गया. आरोप है कि इसी दौरान विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने उसे धमकाकर दुष्कर्म किया. बाद में नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग अलग स्थानों, खासकर रेस्ट हाउस में बुलाया जाता रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म हुआ और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी गई.
दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर हुआ अपराध, डिजिटल साक्ष्यों की जांच
एफआईआर के अनुसार 2018 से 2025 के बीच दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर अपराध होने के आरोप हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने प्रभाव और पद का डर दिखाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया. व्हाट्सऐप पर फोटो और वीडियो की मांग कर वायरल करने की धमकी दी गई. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और कॉल डिटेल विश्लेषण कराया जा रहा है.
2 मोबाइल बरामद, फॉरेंसिक जांच से होगा बड़ा खुलासा
13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर के बाद दो आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया. पूछताछ में उनकी निशानदेही पर कार CG 07 AU 352 और इंडिगो CG 07 AT 7047 जब्त की गई. दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. 15 फरवरी को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा. अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस के अनुसार अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कथित तौर पर सरकारी परिसंपत्तियों का दुरुपयोग कैसे हुआ.




