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रूस-यूक्रेन में शांति की बात से पहले बढ़े ड्रोन हमले, जेलेंस्की ने अमेरिका के सामने रखी नई शर्त, पूरी करेंगे ट्रंप?

रूस-यूक्रेन शांति वार्ता से पहले दोनों देशों में ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई. यूक्रेन के ओडेसा और रूस के ब्रायंस्क में हमले हुए. म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिका ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं. वहीं राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा गारंटी के बिना
मॉस्को
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं. बातचीत से ठीक पहले दोनों देशों में ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई है. इससे साफ है कि युद्ध का माहौल अभी ठंडा नहीं पड़ा है. यूक्रेन के काला सागर तट पर स्थित ओडेसा शहर में एक रूसी ड्रोन ने रिहायशी इमारत को निशाना बनाया. इस हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई. वहीं रूस के ब्रायंस्क इलाके में एक कार पर यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक नागरिक की मौत हो गई. इससे पहले रूस के बेलगोरोद शहर पर हुए मिसाइल हमले में भी दो लोगों की मौत और पांच लोग घायल हुए थे. इन हमलों के बीच अगले हफ्ते जिनेवा में अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच नई वार्ता होने वाली है. यह बैठक रूस के पूरे पैमाने पर हमले की चौथी बरसी से ठीक पहले हो रही है. हालांकि जेलेंस्की ने अमेरिका के सामने नई शर्त रखी है.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यह युद्ध ‘एक बार में और हमेशा के लिए’ खत्म हो. उन्होंने कहा कि अमेरिका खून-खराबा रोकने के लिए गंभीर है और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है. रुबियो ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की और सुरक्षा तथा आर्थिक सहयोग पर चर्चा की. अमेरिका की ओर से संकेत दिया गया है कि वह मजबूत समझौते के पक्ष में है.
जेलेंस्की ने अमेरिका के सामने रखी नई शर्त
हालांकि बातचीत से पहले जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि यूक्रेन बिना पक्की सुरक्षा गारंटी के कोई समझौता नहीं करेगा. उनका कहना है कि अमेरिका से कम से कम 20 साल की कानूनी सुरक्षा गारंटी चाहिए. साथ ही उन्होंने यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए स्पष्ट समयसीमा भी मांगी है. जेलेंस्की ने यह भी बताया कि अमेरिका की ओर से सुझाव दिया गया था कि अगर यूक्रेन डोनबास क्षेत्र से अपनी सेना पीछे हटा ले तो शांति जल्दी हो सकती है. लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. उनका कहना है कि वहां लाखों यूक्रेनी नागरिक रहते हैं और वे अपने लोगों को छोड़ नहीं सकते.
अगली बातचीत कब होगी?
अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि 17-18 फरवरी को जिनेवा में मिलेंगे. रूस की ओर से राष्ट्रपति के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की वार्ता का नेतृत्व करेंगे. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों में भी मतभेद दिख रहे हैं. कुछ का मानना है कि समझौता संभव है, जबकि कुछ इसे बेहद कठिन मानते हैं. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका जोर देता है तो चुनाव के लिए कम से कम दो महीने का युद्धविराम चाहिए होगा. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर रूस भी चुनाव कराना चाहता है तो वह भी युद्धविराम ले सकता है.




