RBI ने 100 और 500 रुपये के नोट में किए कई बड़े बदलाव, क्या बेकार हो जाएंगे आपके पुराने नोट? जानें

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की सबसे अधिक उपयोग होने वाली करेंसी—100 और 500 रुपये के नोटों—को और अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। डिजिटल भुगतान की बढ़ती रफ्तार के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यवसायों और…
नेशनल डेस्क
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की सबसे अधिक उपयोग होने वाली करेंसी—100 और 500 रुपये के नोटों—को और अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। डिजिटल भुगतान की बढ़ती रफ्तार के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यवसायों और परिवहन क्षेत्र में नकद की भारी मांग को देखते हुए आरबीआई ने इन नोटों के सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का निर्णय लिया है। 2026 के इस नए अपडेट का मुख्य उद्देश्य जाली नोटों पर लगाम लगाना और नोटों की भौतिक आयु (Life) को बढ़ाना है।
क्यों पड़ी सुरक्षा फीचर्स बदलने की जरूरत?
आरबीआई के अनुसार, दैनिक जीवन के लेन-देन में 100 और 500 रुपये के नोटों का सबसे अधिक सर्कुलेशन होता है। लगातार इस्तेमाल और बार-बार मुड़ने के कारण ये नोट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे इनके लॉजिस्टिक्स और दोबारा छपाई का खर्च बढ़ जाता है। साथ ही, ऊंचे मूल्य के कारण 500 रुपये का नोट हमेशा जालसाजों के निशाने पर रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए, महात्मा गांधी की नई सीरीज में वॉटरमार्क, सूक्ष्म छपाई (Micro-printing) और स्याही की गुणवत्ता को पहले से कहीं अधिक उन्नत बनाया गया है। पूर्व बैंकरों का मानना है कि यह एक वैश्विक प्रक्रिया है, जिसके तहत दुनिया भर के केंद्रीय बैंक समय-समय पर अपनी मुद्रा की सुरक्षा बढ़ाते रहते हैं।
100 रुपये के नोट में क्या होगा खास?
100 रुपये के नोट के डिजाइन में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि इसकी मजबूती पर ध्यान दिया गया है। नई तकनीक के इस्तेमाल से नोट की छपाई का कंट्रास्ट और स्याही को इतना बेहतर बनाया गया है कि बार-बार इस्तेमाल के बावजूद यह जल्दी गंदा या खराब नहीं होगा। इसके वॉटरमार्क और सुरक्षा धागे (Security Thread) को अब और भी स्पष्ट किया गया है, ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के आम लोग आसानी से असली और नकली नोट की पहचान कर सकें। इसका सीधा लक्ष्य नोटों के बार-बार बदलने के खर्च को कम करना है।
500 रुपये के नोट में सुरक्षा की नई परतें
चूंकि 500 रुपये का नोट मेडिकल, शिक्षा और थोक खरीदारी जैसे बड़े भुगतानों में उपयोग होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2026 के अपडेट के तहत इसमें रंगों की एकरूपता (Color Consistency) को बेहतर किया गया है और माइक्रो-प्रिंटिंग को इतना शार्प बनाया गया है कि उसकी नकल करना लगभग नामुमकिन होगा। हालांकि, नोट का मूल ढांचा और आकार पहले जैसा ही रहेगा। बैंक अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सभी एटीएम और कैश मशीनें इन नए नोटों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह सक्षम होंगी।




