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आम बजट 26-27: विपक्ष ने कहा- उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट, फीका और निराशाजनक

Aam Budget 2026: कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 2026-27 बजट को फीका और निराशाजनक बताया है. पार्टी नेता जयराम रमेश ने इसमें पारदर्शिता की कमी और प्रमुख योजनाओं की जानकारी न देने का आरोप लगाया है. अन्य विपक्षी नेताओं ने भी बजट को निराशाजनक बताया है.
कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई. रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया- दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट के भाषण के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता. यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा.
उन्होंने दावा किया कि भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया. उन्होंने घोषणा की कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है. उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की.
उधर, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजाला ने कहा- देखिए, उम्मीद तो अच्छी करनी चाहिए. हम तो उम्मीद करते हैं कि जो बेरोजगार नौजवान है, उसके रोजगार का कुछ सोचा होगा सरकार ने और किसान के हित के लिए कुछ काम किया होगा. कई ऐसे राज्य हैं जिन पर कर्ज ज्यादा हो गया है, उसके बारे में सोचना चाहिए. उन्होंने कहा कि पंजाब को सबसे ज्यादा आशा है. पंजाब के ऊपर बहुत कर्जा है. हम उम्मीद करते हैं कि पंजाब के कर्जा माफी का इन्होंने कोई प्रावधान किया होगा और उसके अलावा बॉर्डर की तरफ से पर बहुत ज्यादा ड्रग्स और ड्रोन के माध्यम से हथियार आ रहे हैं. इसको भी रोकने के लिए कुछ इंतजाम किया जा रहा होगा. बजट में सुरक्षा के लिए आधुनिक हथियार और टेक्नोलॉजी होना बहुत जरूरी है.
इरमान प्रतापगढ़ी ने कही ये बात
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले ग्यारह साल में भारत देश की तमाम उम्मीदों को लगातार तोड़ा है. बजट आम आदमी की जेब को कैसे मजबूत कर सकता है,वह बजट होना चाहिए. लेकिन हर साल जब भी बजट आया है, उसने इस देश की गरीब जनता की जेब को ढीला कर दिया है.
उन्होंने कहा कि बजट आने से महज कुछ महीने पहले जिस तरह इन्होंने मनरेगा को बर्बाद करने की साजिश की है, उससे इस देश के गरीब मजदूरों की कमर पहले ही तोड़ दी है, तो ऐसे में इस बजट से कोई बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं. देखते हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या-क्या देश को देती है. जनता की समस्याओं को कितना ध्यान में रखा जाता है.
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि पिछले कई साल से उम्मीद पर बैठे हुए हैं. दो करोड़ नौकरियां, हर साल के पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए हर अकाउंट में आने की, कालाधन वापस लाने की, बुलेट ट्रेन की. देखते हैं आज क्या फिर फेंका जाता है, कौन सा जुमला आता है. भाजपा सरकार ने इससे पहले भी जो वादे किए थे, उसे पूरा नहीं किया है, तो इस बार भी उम्मीद नहीं लगाई जा सकती है.




