भ्रष्टाचार और रिश्वत के मामलों में राज्य पुलिस केंद्रीय कर्मचारियों पर जांच कर सकती है:सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार और रिश्वत के मामलों में राज्य पुलिस केंद्रीय कर्मचारियों पर जांच कर सकती है और चार्जशीट दाखिल कर सकती है, इसके लिए सीबीआई की अनुमति जरूरी नहीं।
नई दिल्ली
भ्रष्टाटार में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि राज्य पुलिस केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच कर सकती है और चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इसके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कोई अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार और रिश्वत के मामलों की जांच न सिर्फ सीबीआई, बल्कि राज्य पुलिस या किसी अन्य पुलिस एजेंसी भी कर सकती है। कोर्ट ने यह भी बताया कि ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि काम दोहराने से बचा जा सके। आम तौर पर सीबीआई केंद्रीय कर्मचारियों के मामलों की जांच करती है और राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) राज्य कर्मचारियों के मामलों की।
सर्वोच्च अदालच ने हाईकोर्ट के फैसले को रखा बरकरार
मामले में सुनवाई करते के बाद आया सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए आया है। बता दें कि इससे पहले इस मामले में हाईकोर्ट ने भी माना था कि राजस्थान एसीबी केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर सकती है।
इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह गलत है कि केवल सीबीआई ही मुकदमा दर्ज कर सकती है। इससे राज्य पुलिस की शक्तियों को भी कानून के तहत मान्यता मिल गई है। यह फैसला भ्रष्टाचार से निपटने में राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारों को लेकर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।




