आई-पैक के खिलाफ ईडी के छापे पर शुक्रवार को सड़क से हाईकोर्ट तक जमकर हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरीं और भाजपा पर जमकर बरसीं। इसी बीच शुक्रवार शाम कल हुई कार्रवाई पर आई-पैक की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जानें क्या कहा….
कोलकाता।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी किए जाने के एक दिन बाद, राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संस्था ने ईडी की कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता जताई और इसे एक परेशान करने वाली मिसाल बताया।
आई-पैक का बयान
आई-पैक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ईडी के अधिकारियों ने कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी ली। आई-पैक जैसी एक पेशेवर संस्था के लिए यह दिन कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण रहा। संस्था का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई कई अहम सवाल खड़े करती है और भविष्य के लिए असहज करने वाला उदाहरण पेश करती है।
संस्था की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानून के प्रति पूर्ण सम्मान रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहयोग करते रहेंगे। हमने अपने कार्यों में हमेशा उच्चतम स्तर की पेशेवर ईमानदारी और नैतिक मानकों का पालन किया है। कल जो कुछ भी हुआ उसके बावजूद हम अपने काम को बिना किसी भय या विचलन के, पूरी प्रतिबद्धता, निरंतरता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे। हमारी प्रतिबद्धता उसी उद्देश्य से निर्देशित रहेगी, जिसने शुरुआत से ही आई-पैक को आकार दिया।
‘पार्टी की रणनीति चुराने की कोशिश की गई’
इससे पहले आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग की मदद से जनादेश की चोरी कर जीत हासिल की और अब वही खेल बंगाल में दोहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कल आई-पैक कार्यालय में छापेमारी के दौरान उनकी पार्टी की रणनीति चुराने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे पूरी तरह निंदनीय बताया।
ईडी की छापेमारी वाली जगह पर अपनी मौजूदगी को जायज ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने आगे पूछा, अगर कोई मुझे जान से मारने आए तो क्या मुझे आत्मरक्षा का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा, हम 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव जीतेंगे। केंद्र में भाजपा सरकार 2029 तक नहीं टिकेगी।














