धर्म
मकर संक्रांति कब है, 14 या 15 जनवरी? पंचांग से दूर करें कन्फ्यूजन, जानें सही तारीख, मुहूर्त, खिचड़ी का महत्व

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को है या 15 जनवरी को? इसकी तारीख पर कन्फ्यूजन है क्योंकि अलग अलग पंचांग में अलग अलग तारीखें दी गई हैं. मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने से पुण्य लाभ होता है. इस अवसर को गंवाना नहीं चाहता है. निर्णय सिंधु और प्रमाणिक पंचांग से जानें मकर संक्रांति की सही तारीख और मुहूर्त.
मकर संक्रांति कब है? 14 जनवरी को या फिर 15 जनवरी को? यह सवाल इसलिए है क्योंकि अलग-अलग पंचांगों में सूर्य के गोचर का समय अलग-अलग दिया गया है, इस वजह से मकर संक्रांति की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है. लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि मकर संक्रांति किस दिन मनाई जाए? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव जब मकर राशि में गोचर करते हैं यानि जिस समय प्रवेश करते हैं, उस समय सूर्य की मकर संक्रांति होती है. उस समय से लेकर 8 घंटे तक पुण्यकाल होता है, जिसमें स्नान और दान किया जाता है. निर्णय सिंधु और प्रमाणिक पंचांग की मदद से जानते हैं कि मकर संक्रांति की सही तारीख, मुहूर्त और महत्व क्या है?
मकर संक्रांति की सही तारीख
निर्णय सिंधु में व्रत, त्योहार, पर्व आदि मनाने की सही तिथि, तारीख आदि के बारे में बताया गया है. निर्णय सिंधु के अनुसार यदि सूर्य की संक्रांति सूर्योदय के बाद होती है तो पूरे दिन पुण्यकाल होता है. वहीं जब सूर्य की संक्रांति सूर्यास्त बाद प्रदोष काल में या रात के समय होती है तो उसका पुण्यकाल अगले दिन सूर्योदय के बाद से माना जाता है. मकर संक्रांति का पुण्य काल मकर राशि में सूर्य के गोचर के समय से लेकर लगभग 8 घंटे तक माना गया है. इस आधार पर जानते हैं मकर संक्रांति की सही तारीख क्या है?
काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट बताते है कि काशी विश्वनाथ के हृषिकेश पंचांग में सूर्यदेव 14 जनवरी 2026 को रात में 9 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे. रात्रि के समय में संक्रांति हो रही है. इस वजह से मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को सूर्योदय के बाद से होगा. निर्णय सिंधु के अनुसार भी इस बार की मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को प्राप्त हो रहा है क्योंकि सूर्य का प्रवेश मकर राशि में रात के समय हो रहा है. ऐसे में मकर संक्रांति 15 जनवरी गुरुवार को मनाना शास्त्र सम्मत है. मकर संक्रांति के दिन माघ कृष्ण द्वादशी तिथि है, उस दिन षट्तिला एकादशी का पारण है.
ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार भी इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी. उसमें भी मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को दिया गया है. 14 जनवरी को मकर संक्रांति का क्षण रात में 9 बजकर 39 मिनट पर है.
हालांकि कुछ ऑनलाइन पंचांग में मकर संक्रांति का समय 14 जनवरी को दोपहर में 03:13 पी एम पर बताया गया है और उसका पुण्य काल 03:13 बजे से शाम 05:45 बजे तक है. लेकिन इसमें निर्णय सिंधु की बात मानते हैं तो इसका पुण्य काल 03:13 पी एम से लेकर रात 11 बजे तक होना चाहिए. इन पंचांग के आधार पर मकर संक्रांति की तारीख 14 जनवरी बताई गई है. इस वजह से लोगों कन्फ्यूजन हुई. हालांकि कई जगहों पर लोग 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाते हैं, चाहें सूर्य गोचर कभी भी हो.
इस पर ज्योतिषाचार्य भट्ट का कहना है कि स्नान और दान के लिए सूर्योदय काल का समय उत्तम माना गया है. उसमें भी ब्रह्म मुहूर्त तो सर्वोत्तम होता है. ऐसे में देखा जाए तो 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाना सही है. उस दिन आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करें.
मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त
15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर में 2 बजकर 53 मिनट तक है. ऐसे में आप मकर संक्रांति का स्नान और दान ब्रह्म मुहूर्त से लेकर 2:53 पीएम तक कर सकते हैं.
मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति के दिन लोग खिचड़ी खाते हैं, इस वजह से मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है. मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से इसे उत्तरायण पर्व भी कहते हैं. इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. पाप मिटते हैं. मकर संक्रांति पर चावल, तिल, गुड़, गरम कपड़े, फल आदि का दान करना चाहिए.




