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डिजिटल अरेस्ट मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, कहा- देशभर में CBI तुरंत जांच शुरू करे

सुप्रीम कोर्ट ने तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर कड़ी कार्रवाई करते हुए CBI को देशभर में जांच का आदेश दिया है. कोर्ट ने सभी राज्यों को CBI को तुरंत अनुमति देने, सोशल मीडिया कंपनियों को पूरा सहयोग करने और बैंकों की भी जांच करने को कहा.

 

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट वाले बड़े फ्रॉड पर कड़ा रुख दिखाते हुए CBI को पूरे देश में जांच शुरू करने का आदेश दिया है. पिछले कुछ महीनों में इस स्कैम ने कई लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए हैं. कोर्ट ने कहा कि यह मामला अब इतना बड़ा हो चुका है कि तुरंत कार्रवाई जरूरी है.

सभी राज्यों को CBI को अनुमति देने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि देश के सभी राज्य, चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, CBI को इस जांच के लिए तुरंत मंजूरी दें. अदालत ने माना कि इतने बड़े नेटवर्क वाले फ्रॉड को रोकने के लिए एक ही एजेंसी द्वारा केन्द्रित तरीके से जांच करना सबसे जरूरी है.
बैंको की भी होगी जांच, CBI को मिली खुली छूट
कोर्ट ने CBI को यह भी छूट दी है कि अगर किसी बैंक ने गलत तरीके से अकाउंट खोलने दिए, जिनका इस्तेमाल इस फ्रॉड में हुआ, तो उन बैंकरों की जांच भी हो सकती है.
सोशल मीडिया कंपनियों को पूरा सहयोग देने का आदेश
डिजिटल अरेस्ट स्कैम फोन कॉल, वीडियो कॉल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए चलता है. इसलिए कोर्ट ने Meta, Google और बाकी सोशल मीडिया कंपनियों को साफ कहा है कि CBI को हर जरूरी डेटा, जानकारी और तकनीकी मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए.
कोर्ट ने ये भी माना कि स्कैमर्स आमतौर पर खुद को पुलिस, एजेंसी या सरकारी अफसर बताकर डर फैलाते हैं, और लोग डरकर पैसे भेज देते हैं. इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग जरूरी है.
इंटरपोल की मदद भी ले सकेगी CBI
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगर जांच में पता चले कि यह गैंग भारत के बाहर से ऑपरेट हो रहा है, या विदेशों में पैसे भेजे जा रहे हैं, तो CBI इंटरपोल की मदद ले सकती है.
दोनों देशों की एजेंसियों के बीच तालमेल बैठाकर कार्रवाई की जा सकेगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले नेटवर्क को खत्म किया जा सके.
SIM कार्ड के गलत इस्तेमाल पर सरकार से जवाब तलब
बेंच ने दूरसंचार विभाग से कहा है कि वे बताए कि इतने बड़े स्तर पर फर्जी SIM कैसे जारी हो रहे हैं और इन्हें रोकने के लिए क्या नए कदम लिए जा सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि स्कैमर्स फर्जी पहचान पत्रों और गलत डॉक्यूमेंट्स पर SIM लेते हैं और इन्हीं नंबरों से लोगों को धमकाने या फसाने के कॉल करते हैं.
AI से पहचान करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने RBI को सलाह दी है कि वह तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करे. खासकर AI और मशीन लर्निंग की मदद से इन फर्जी अकाउंट्स को पहचानने, पैसों के अवैध ट्रांजेक्शन को रोकने और म्यूूल अकाउंट्स को पकड़ने के सिस्टम को और मजबूत किया जाए.
कोर्ट ने कहा कि बैंक अक्सर देर से पता लगाते हैं कि अकाउंट का गलत इस्तेमाल हुआ है, इसलिए तकनीक को तेज और स्मार्ट बनाना जरूरी है.
राज्यों को साइबर सेल को मजबूत करने का आदेश
सभी राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने साइबर क्राइम यूनिट्स को और तेज़, सक्षम और संसाधनयुक्त बनाएं.

 

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