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वो नशेड़ी क्रिकेटर, 8 घंटे तक पी शराब, नशे में धुत होकर समंदर में उतरा, होटल स्टाफ ने जैसे-तैसे बचाई जान

एंड्रयू फ्लिंटॉफ इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर में से एक माने जाते हैं. उन्होंने इंग्लैंड के लिए कई ऐसी यादगार प्रदर्शन किया है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है. खास तौर से एशेज सीरीज 2005 में तो उन्होंने धूम ही मचा दी थी, लेकिन फ्लिंटॉफ अपने करियर में बहुत से विवादों से भी जुड़े रहे. उसी में से एक हैं पेडलो कांड.

 

नई दिल्ली
एंड्रयू फ्लिंटॉफ, इंग्लैंड क्रिकेट में एक ऐसा जिन्हें महानतम ऑलराउंडर के रूप में जाना जाता है. इंग्लैंड के लिए फ्लिंटॉफ का करियर बहुत ही शानदार रहा. तीनों फॉर्मेट को मिलाकर फ्लिंटॉफ इंग्लैंड के लिए 227 इंटरनेशनल मैचों में मैदान पर उतरे, जिसमें उन्होंने बल्लेबाजी में 7315 रन के अलावा गेंदबाजी में 400 विकेट भी अपने नाम किए. किसी पेस बॉलर ऑलराउंडर के लिए ये एक शानदार आकंड़ा है.

हालांकि, इंग्लैंड के लिए चमकदार करियर के साथ फ्लिंटॉफ अपने विवादों के लिए भी खूब सुर्खियों में रहे. वैसे तो फ्लिंटॉफ ने कई सारे कांड किए हैं. उसी में एक बहुत ही चर्चित है पेडलो मामला, जिसके कारण उनकी जान जाते-जाते बची थी. इस घटना के बाद उन्हें टीम की उपकप्तानी छोड़ने के साथ माफी भी मांगनी पड़ी.

 

क्या है फ्लिंटॉफ का पेडलो कांड?

एंड्रयू फ्लिंटॉफ का ये पेडलो कांड साल 2007 में हुआ था. इंग्लैंड की टीम आईसीसी वनडे विश्व कप के लिए तब वेस्टइंडीज में थी. विश्व कप के एक मैच में इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ करीबी हार का सामना करना पड़ा था. फ्लिंटॉफ इस हार को नहीं पचा पाए और सेंट लूसिया के समंदर किनारे अपने साथी खिलाड़ियों के साथ जमकर शराब पी. हद तो तब गई जब शराब के नशे में फ्लिंटॉफ पेडलो बोट लेकर समंदर में निकल पड़े. पेडलो बोट पैडल यानी पैर से चलाने वाली एक छोटी नाव होती है.

 

बताया जाता है कि फ्लिंटॉफ हार के गम में करीब 8 घंटे तक शराब पी थी. नशें में धुत्त होकर जब वह बोट चलाते हुए वह पानी गिर गए. आनन-फानन में फिर उनके कुछ साथियों और होटल स्टाफ ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो उनके साथ नशे की हालत में कुछ अनहोनी भी हो सकती थी.
पेडलो कांड के बाद फ्लिंटॉफ के साथ क्या हुआ?
पेडलो कांड के बाद फ्लिंटॉफ को इंग्लैंड की टीम मैनेजमेंट ने जमकर फटकार लगाई. नतीजा ये हुआ कि मैनेजमेंट ने फ्लिंटॉफ को कनाडा के खिलाफ मुकाबले से बाहर कर दिया. मामला यहीं पर नहीं थमां, फ्लिंटॉफ से उप कप्तानी छीन ली गई और उन्हें सरेआम माफी मांगनी पड़ी. इस घटना के बाद वर्ल्ड क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता की जमकर आलोचना हुई थी.

 

 

 

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