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क्या है इंसरेक्शन एक्ट, जिस पर मचा है बवाल? क्यों इसे लागू करने की जिद पर हैं डोनाल्ड ट्रंप

What Is Insurrection Act: डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2024 में भी इनसरेक्शन एक्ट को लागू करने की बात कही थी. अपने पिछले कार्यकाल के अंत में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था, जब वे जो बाइडेन से चुनाव हार गए थे. एक बार फिर उन्होंने व्हाइट हाउस में इसके बारे में कहा है.

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर संघीय अदालतें या स्थानीय अधिकारी उन्हें नेशनल गार्ड को तैनात करने से रोकते हैं, तो वे 1807 के इंसरेक्शन एक्ट को लागू कर सकते हैं. उनका ये बयान ऐसे वक्त में आया है, जब एक संघीय जज ने ओरेगन के पोर्टलैंड शहर में सेना भेजने के ट्रंप के आदेश पर रोक लगा दी थी. ट्रंप का दावा है कि पोर्टलैंड शहर को वामपंथी घरेलू आतंकवादियों ने घेर लिया है.

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे इंसरेक्शन एक्ट लागू करके अमेरिकी सैनिकों को देश के अंदर तैनात कर सकते हैं. वे किसी भी तरह से परिस्थितियों को काबू करना चाहते हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर वो 1807 का एक्ट है क्या, जिसकी बात ट्रंप कर रहे हैं. तो चलिए जानते हैं – 

इंसरेक्शन एक्ट क्या है?

Insurrection Act अमेरिका का एक बहुत पुराना कानून है, जिसे 1792 में पारित किया गया था. इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि जब किसी राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाए और स्थानीय प्रशासन या अदालतें हालात संभालने में नाकाम हों, तब वह अमेरिकी सेना को तैनात कर सकता है.
हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में Posse Comitatus Act नाम का एक और कानून सेना को देश के अंदर इस्तेमाल करने से रोकता है लेकिन Insurrection Act इस रोक से एक कानूनी अपवाद प्रदान करता है. अगर राष्ट्रपति को लगता है कि बगावत या विद्रोह की स्थिति है, तो वह सेना बुला सकता है.
इंसरेक्शन एक्ट लागू करने के दो प्रमुख तरीके हैं-
  • अगर किसी राज्य का गवर्नर या उसकी विधानसभा केंद्र से मदद मांगती है, तो ये लागू हो सकता है. जैसे – 1992 में लॉस एजिल्स दंगे के वक्त कैलिफोर्निया के गवर्नर ने तत्कालीन राष्ट्रपति से मदद मांगी.
  • अगर राष्ट्रपति को लगता है कि किसी राज्य में बगावत या संघीय कानून की अवहेलना हो रही है, तो वह खुद भी सेना भेजने का आदेश दे सकता है.
  • कानून में यह लिखा है कि अगर राष्ट्रपति यह समझते हैं – ‘संघीय सरकार के अधिकार के खिलाफ विद्रोह, बाधाएं या गैरकानूनी सभाएं हो रही हैं और सामान्य न्यायिक प्रक्रिया से कानून लागू करना संभव नहीं है, तो वह राज्य के सशस्त्र बलों को संघीय सेवा में बुला सकते हैं.

कब-कब राज्य के खिलाफ जाकर लगे कानून?

1957 में राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर ने इंसरेक्शन एक्ट का इस्तेमाल करते हुए आर्कान्सस के गवर्नर की इच्छा के खिलाफ सेना तैनात की थी ताकि स्कूलों में नस्लीय एकीकरण लागू कराया जा सके. इसी तरह 1962 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी ने भी इसी कानून का इस्तेमाल किया था ताकि दक्षिणी राज्यों में अफ्रीकी-अमेरिकी छात्रों को शिक्षा संस्थानों में प्रवेश दिलाया जा सके.

क्या करना चाहते हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि पोर्टलैंड जैसे शहरों में जो हिंसक प्रदर्शन हुए, वे क्रिमिनल इंसरेक्शन यानी आपराधिक विद्रोह थे. उन्होंने कहा कि अगर गवर्नर या मेयर सहयोग नहीं करते, तो वे इंसरेक्शन एक्ट लागू करके सेना भेज देंगे ताकि शहरों में शांति बहाल की जा सके. उनके वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर ने भी इसे लीगल इंसरेक्शन कहा और आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय सरकारें संघीय कानूनों के पालन को कमजोर कर रही हैं. कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि इस कानून का दुरुपयोग करने से लोकतांत्रिक ढांचे को खतरा हो सकता है.

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