पहलगाम में धर्म पूछकर मारने वाले आतंकियों को लाल चौक से मिला जवाब, पाकिस्तान भी देख ले यह तस्वीर

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. इस यात्रा ने आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया.

हाइलाइट्स
  • श्रीनगर में तिरंगा यात्रा निकाली गई.
  • लाल चौक पर तिरंगा फहराया गया.
  • यात्रा ने आतंकवाद और पाकिस्तान को संदेश दिया.

पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच श्रीनगर के लाल चौक में आज एक तिरंगा यात्रा निकाली गई. वहां लाल चौक पर दिखा नजारा न केवल आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि पाकिस्तान को भी एक साफ चेतावनी देती है. इस यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने तिरंगे के साथ मार्च करते हुए आतंकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद की.

पहलगाम में आतंकियों ने 22 अप्रैल को हिन्दू पर्यटकों का नरसंहार कर दिया था. मिनी स्विट्जरलैंड कहलाने वाली बैसरन घाटी घूमने गए पर्यटकों का धर्म पूछकर आतंकियों ने 26 लोगों को गोली मार दी. इस हमले में मारे गए पर्यटकों में अधिकतर हिन्दू धर्म से थे. इस हमले को पाकिस्तान से चलने वाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था. इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भड़का दिया.

आतंकिस्तान को लाल चौक से जवाब

भारत ने इसके बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान में बने टेरर कैंप को निशाना बनाया गया. भारत ने निशाना आतंकी ठिकानों को बनाया था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे अपने ऊपर ले लिया. पाकिस्तानी सेना ने फिर भारतीय सरज़मीं पर ड्रोन और मिसाइल से अटैक कर दिया, हालांकि भारतीय रक्षा कवच के सामने उसके सारे वार खाली चले गए.

पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में भारत को मिली बड़ी जीत की खुशी में गुरुवार को श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा यात्रा निकाली गई. श्रीनगर का लाल चौक कभी आतंकी वारदातों के लिए बदनाम था, लेकिन आज वहां तिरंगा शान से लहराता दिखा.

श्रीनगर में तिरंगा यात्रा निकालना और लाल चौक पर उसे फहराना आज एक मजबूत संदेश दे रहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती. इस यात्रा में स्थानीय लोग, छात्र, और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल थे, जो तिरंगे के साथ मार्च करते हुए “जय हिन्द” के नारे लगाते रहे.

यह यात्रा न केवल आतंकवादियों को, बल्कि पाकिस्तान को भी एक स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपनी एकता और अखंडता के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. पाकिस्तान को यह तस्वीर आंखें खोलकर देख लेनी चाहिए और समझ लेना चाहिए कि बेगानी शादी में उसका हाल अब्दुल्ला दीवाना जैसा ही है.