क्राइम

लव मैरिज के 6 महीने बाद ही भर गया ‘प्यार का घड़ा’, पत्नी बनी प्रेमिका से ऊबा पति, कार में दिया मौत का गिफ्ट

 सीकर से पास स्थित नीमकाथाना जिले में एक पति ने लव मैरिज के महज 6 माह के भीतर ही अपनी पत्नी को मारकर शव सड़क पर फेंक दिया. पुलिस ने वारदात के केस की कड़ी से कड़ी से जोड़ते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है.

सीकर.

सीकर से सटे नीमकाथाना जिले में दो दिन पहले सड़क किनारे मिली महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. महिला की हत्या उसके पति ने ही की थी. बाद में एक्सीडेंट का रूप देने के लिए लाश को सड़क किनारे फेंक दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि महिला और युवक ने महज छह माह पहले की लव मैरिज की थी. शादी के छह माह के भीतर ही पति अपनी पत्नी से ऊब गया. उसके बाद पति-पत्नी मे क्लेश इतना बढ़ गया कि हालात हत्या तक पहुंच गए. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. उसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा.

पुलिस उपअधीक्षक अनुज डाल ने बताया कि 17 जून की सुबह जीर की घाटी में सड़क किनारे एक महिला का शव मिला था. मृतका की पहचान शिखा अग्रवाल के रूप में हुई. शिखा की शादी 4 दिसंबर 2023 को पंकज बत्रा के साथ हुई थी. दोनों ने लव मैरिज की थी. दोनों नीमकाथाना के मोदी बाग के पास किराये के मकान में रहते थे. शिखा बैंक में सर्विस करती थी. पंकज भी बैक कर्मचारी है. उनके साथ पंकज बत्रा की मां भी रहती थी. लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पंकज और शिखा में अनबन होने लग गई. इसकी वजह से शादी के एक महीने बाद ही शिखा नीमकाथाना में अपने पिता सतीश अग्रवाल के घर रहने लगी.

पति ने पत्नी को बुलाया था पार्क में
पुलिस जांच में सामने आया कि 16 जून को शाम 7 बजे पंकज बत्रा ने फोन कर शिखा को नेहरू पार्क ग्राउंड में मिलने बुलाया था. उसके बाद रात 9 बजे तक शिखा घर नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की. देर रात तक परिवार के लोग दोनों की तलाश करते रहे. उनकी गाड़ी भी नहीं मिली. इस पर शिखा के पिता सतीश ने पुलिस कंट्रोल रूम को उसके लापता हो जाने की सूचना दी. पुलिस ने शिखा और पंकज के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की. इस दौरान शिखा के मोबाइल की लोकेशन खादरा के पास आ रही थी. जबकि पंकज बत्रा का फोन स्वीच ऑफ आ रहा था.

शिखा के पिता ने करवाया दामाद के खिलाफ केस
अगले दिन यानी 17 जून को जीर की घाटी में सड़क किनारे शिखा अग्रवाल का शव पड़ा मिला. इस पर पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी. शिखा के पिता सतीश अग्रवाल ने पंकज बत्रा उसकी मां और नाना धर्मपाल के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने की रिपोर्ट दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था. घटनास्थल की वीडियोग्राफी के साथ मोबाइल फोरेंसिक टीम सीकर से जांच करवाई गई. मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई.

सुनसान जगह कार में घोंटा गला
वारदात में मृतका के पति पंकज बत्रा की भूमिका संदिग्ध दिखी. पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी तो पूरा केस आइना की तरह साफ हो गया. जांच में सामने आया कि वारदात के दिन आरोपी पंकज अपनी पत्नी शिखा अग्रवाल के साथ नेहरू पार्क ग्राउंड आया था. यहां से घूमने के बहाने वह शिखा को अपनी लग्जरी कार से जीर की घाटी ले गया. सड़क किनारे सुनसान जगह पर कार को खड़ी कर दोनों बातचीत करने लग गए. इसी दौरान कार में ही पंकज ने शिखा का गला दबाकर हत्या कर दी. बाद में कार से शव को खींचकर रोड़ किनारे गड्‌ढे में धकेल दिया.

आरोपी ने हत्या की वारदात कबूली
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया. बाद में वह कार लेकर फरार हो गया. पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत कर आरोपी पंकज बत्रा को पाटन रोड पर बाइपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में आरोपी पंकज ने शिखा की हत्या करना कबूल लिया है. पुलिस से बचने के लिए पंकज ने शिखा का मोबाइल दूसरी जगह फेंक दिया था. पूछताछ में उसने बताया कि रिश्ते में दरार और कलह की वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस हत्या के षडयंत्र में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में भी पूछताछ कर रही है.

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