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सीएम सिद्धारमैया ने मीडिया पर हमलों के पहले के उदाहरणों के साथ बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को दी चुनौती

 

=जेपी नड्डा जी, हम आपको मीडिया सच बोलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पत्रकारों में सिद्दीक कप्पन, मोहम्मद जुबैर, अजीत ओझा, जसपाल सिंह, सज्जाद गुल, किशोरचंद्र वांगखेन और प्रशांत कनौजिया शामिल हैं।

=सच बोलने के कारण जिन पत्रकारों की हत्या की गई उनमें राकेश सिंह, शुभम मणि त्रिपाठी, जी मोसेस, पराग भुइयां और गौरी लंकेश शामिल हैं.र वास्तविक हमलों का डेटा देंगे. आप शायद ये बात भूल गए होंगे,

 

कुछ मीडिया एंकरों के बहिष्कार के फैसले पर बीजेपी और इंडिया गठबंधन के बीच विवाद के बीच,  शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने मीडिया पर हमलों के पहले के उदाहरणों के साथ बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को चुनौती दी।

सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर कहा कि जेपी नड्डा जी, हम आपको मीडिया सच बोलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पत्रकारों में सिद्दीक कप्पन, मोहम्मद जुबैर, अजीत ओझा, जसपाल सिंह, सज्जाद गुल, किशोरचंद्र वांगखेन और प्रशांत कनौजिया शामिल हैं।

सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा कि सच बोलने के कारण जिन पत्रकारों की हत्या की गई उनमें राकेश सिंह, शुभम मणि त्रिपाठी, जी मोसेस, पराग भुइयां और गौरी लंकेश शामिल हैं.र वास्तविक हमलों का डेटा देंगे. आप शायद ये बात भूल गए होंगे, लेकिन भारत को ये बात आज भी याद है।

सच बोलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पत्रकारों में सिद्दीक कप्पन, मोहम्मद जुबैर, अजीत ओझा, जसपाल सिंह, सज्जाद गुल, किशोरचंद्र वांगखेन और प्रशांत कनौजिया शामिल हैं।

सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा कि सच बोलने के कारण जिन पत्रकारों की हत्या की गई उनमें राकेश सिंह, शुभम मणि त्रिपाठी, जी मोसेस, पराग भुइयां और गौरी लंकेश शामिल हैं।

सीएम सिद्दारमैया ने प्रेस फ्रीडम इंडेक्स और भारत की गिरती रैंक का जिक्र किया। साल 2015 : 136वां स्थान, 2019 : 140वां स्थान, 2022 : 150वां स्थान और 2023 : 161वां स्थान है। उन्होंने चुनौती दी कि बीजेपी का इस बारे में क्या कहना है?

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