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इंडिया अलायंस : नोटबंदी के समय विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया था? कांग्रेस अध्यक्ष ने BJP को बताया तानाशाही

केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाकर फिर से वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर चर्चा करने के साफ संकेत दे दिए हैं। केंद्र सरकार ने 18 सितंबर से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें कुल 5 बैठकें होंगी। हालांकि, विपक्ष इसके खिलाफ है। बीजेपी के खिलाफ…

नेशनल डैस्क 

 केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाकर फिर से वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर चर्चा करने के साफ संकेत दे दिए हैं। केंद्र सरकार ने 18 सितंबर से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें कुल 5 बैठकें होंगी। हालांकि, विपक्ष इसके खिलाफ है। बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में बैठक हुई। बैठक समापन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बीजेपी पर खूब बरसे और अचानक विशेष सत्र बुलाने की योजना को तानाशाही करार दिया।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ”स्पेशल सेशन बिना किसी से बात किए बुलाया गया है। मणिपुर हिंसा के समय विशेष सत्र नहीं बुलाया, कोरोना के समय नहीं बुलाया, चीन ने जमीन हड़प ली तो संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाया, नोटबंदी के समय नहीं बुलाया, अब क्यों बुलाया? मुझे पता नहीं…यह लोग अब धीरे-धीरे तानशाही की तरफ जा रहे हैं। ये लोग छोटे-मोट भ्रष्टाचार नहीं करते, लेकिन सीएजी रिपोर्ट में सामने आ गया। कहते हैं कि ना खाऊंगा, ना ही खाने दूंगा। इसके बाद भी खाने दे रहें हैं।”

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हमने संविधान को बचाने के लिए कदम बढ़ाया

इसके अलावा उन्होंने कहा कि बीजेपी विशेष सत्र बुलाकर भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ”सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। मोदी सरकार महंगाई पर लगाम लगाने की बात करती है, लेकिन 100 रुपए दाम बढ़ाकर 2 रुपए कम किए जा रहे हैं। ” उन्होंने आगे कहा, ”INDIA गठबंधन की बैठक देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए आगे बढ़ाया गया एक कदम है। हमने ठान लिया है कि एक खुशहाल भविष्य के लिए हम एकजुट होकर महंगाई, बेरोजगारी और नफरत के खिलाफ आवाज उठाएंगे।”

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क्या है वन नेशन वन इलेक्शन?

आसान शब्दों में इसका मतलब यह है कि एक ही समय पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाना। मौजूदा समय बीजेपी इसके पक्ष में है। उनका विचार है कि वन नेशन वन इलेक्शन से खर्चा भी कम आएगा। फिलहाल होता क्या है कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं। जब किसी राज्य की एक विधानसभा का कार्यकाल पूरा होता है तब वहां चुनाव करवा दिए जाते हैं। कहीं 2021 में चुनाव हुए तो कहीं 2024 में होंगे। वहीं, लोकसभा के भी अपने कार्यकाल के हिसाब से चुनाव होते हैं। ऐसे में बीजेपी चुनाव से होने वाले खर्चे को कम करने के लिए वन नेशन वन इलेक्शन बिल के लिए जोर दे रही है।

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