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सुर्खियों में बिहार का पुलिस महकमा, 4 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल, जानें मामला

एसपी गौरव मंगला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोषी पाये जाने वाले पुलिस पदाधिकारी और कर्मी पर समुचित कार्रवाई की जा रही है. एक महिला एएसआई सहित तीन जवानों को निलंबित करते हुए जेल भेज दिया गया है.

छपरा.

बिहार का पुलिस महकमा एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार नेक कार्य के लिए नहीं बल्कि अवैध वसूली को लेकर सूर्खियों में है. दरअसल, यह मामला छपरा से सामने आया है. जहां से पुलिस के द्वारा ट्रकों से अवैध वसूली करने का वीडियो वायरल हुआ था. यह वीडियो क्लिप एसपी तक भी पहुंच गया था. इसके बाद एसपी डॉ. गोरव मंगला ने ट्रकों से अवैध वसूली कर रहे चार पुलिस कर्मियों को रंगेहाथ पकड़ लिया. वहीं एसपी के निर्देश पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार पुलिस कर्मियों में एक महिला एएसआई, दो सिपाही और एक चालक शामिल है. सभी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है. एसपी ने रंगेहाथ पकडे जाने के बाद चारों को निलंबित भी कर दिया है.

एसपी ने महिला एएसआई सहित तीन पुलिस कर्मी को किया निलंबित

दरअसल, एसपी ने छपरा शहर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में ट्रकों से अवैध वसूली करते एक महिला एएसआई, दो पुलिस जवान एवं एक सैप के जवान सहित चार पुलिस कर्मियों को अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. सभी पुलिसकर्मियों के अवैध वसूली करते वीडियो वायरल हुआ था. जिसके बाद मुफ्फसिल के भूतहा ढाला के पास करवाई की गई है. अवैध वसूली करने वाले चारों पुलिस कर्मियों को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. एसपी गौरव मंगला ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोषी पाये जाने पर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी पर समुचित कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि एक वीडियो प्राप्त हुआ था, जिसमें मुफ्फसिल थाना की पुलिस गश्ती टीम बालू लदे ट्रक और ट्रैक्टर को रोककर अवैध वसूली करते हुए दिख रहे थे. वीडियो क्लीप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होने पर उक्त गश्ती टीम के सभी सदस्यों पर प्राथमिकि दर्ज करते हुए निलंबित किया गया है.

गिरफ्तार पुलिस कर्मियों को भेजा गया जेल

एसपी डॉ. गौरव मंगला ने बताया कि जिन एएसआई और पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है. उसमें एएसआई प्रतिमा कुमारी, सैप चालक घरभरण राम, सिपाही चंद कुमार एवं सिपाही हरेन्द्र राय शामिल हैं. सभी के विरूद्ध 6 अगस्त को हीं प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. वहीं सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. एसपी ने बताया कि पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी के द्वारा अवैध वसूली, रिश्वतखोरी आदि का वीडियो ओर ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध होने पर सीधा सारण के पुलिस अधीक्षक के मोबाइल नंबर-9431822989 पर प्रेषित कर सकते हैं. सबूत देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा.

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