गुजरात

अहमदाबाद: बैंक से की 1 करोड़ से अधिक की ठगी, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

आर्थिक अपराध निवारण शाखा ने एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया है. पुलिस (Gujarat Police) की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने मिलकर अब तक बैंक से 1 करोड़ 13 लाख 72 हजार की ठगी की है.

अहमदाबाद.

अहमदाबाद (Ahmedabad) आर्थिक अपराध निवारण शाखा (Economic Offenses Prevention Branch) ने एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया है. बैंक धोखाधड़ी के इतिहास में यह एक नए प्रकार की धोखाधड़ी हो सकती है. इस जुर्म में आरोपी ने फर्जी कंपनी खोली थी. जिसके बाद इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति की गई. ये कर्मचारी भी फर्जी थे. यहां तक ​​कि बैंक को भी इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी. एक्सिस बैंक को जब इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत पुलिस (Gujarat Police) की मदद ली. पुलिस ने बैंक के आवेदन के आधार पर जांच शुरू की तो काफी जानकारी सामने आई. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने मिलकर अब तक बैंक से 1 करोड़ 13 लाख 72 हजार की ठगी की है. इस मामले में आगे की जांच जारी है. विस्तार से बात करें तो आरोपियों ने साल 2019 से अलग-अलग कंपनियां खोली थीं. इन कंपनियों के नाम हैं मेडिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड, जाइंट सिक्योर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और मेडी ओन्स हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड. इन कंपनियों में कोई भी कर्मचारी काम नहीं कर रहा था, लेकिन धोखेबाजो ने अहमदाबाद और राज्य में अलग-अलग जगहों पर वेतन खाते यह बताते हुए खोले कि कर्मचारी इस कंपनी में काम कर रहे हैं.

सैलरी स्लिप के आधार पर 142 क्रेडिट कार्ड बनवाए 

इस वेतन खाते में कंपनी वेतन भी जमा करती थी. हालांकि बाद में वह खुद सैलरी निकाल लेते थे. जिसके बाद आरोपी ने फर्जी कर्मचारियों की सैलरी स्लिप के आधार पर 142 क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया और कार्ड बनवा लिया. बाद में इस कार्ड को अलग-अलग स्वाइप मशीनों में स्वाइप कर कुल 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की गई. यह पता चला है कि आरोपियों ने अनपढ़ व्यक्तियों को भी अपना कर्मचारी बताया था और उसके नाम से खाता खुलवाया था.

अनपढ़ महिला को वेब डेवलपर बनाया

बैंक को शक हुआ और उसने मेडिकल साइंस में कार्यरत अरुणबेन गोविंदभाई को बुलाकर पूछताछ की. एक बैंक चेक से पता चला कि वह ऐसी किसी कंपनी में कार्यरत नहीं थी. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि उनका एक्सिस बैंक में खाता नहीं है. इतना ही नहीं धोखेबाजो ने इस महिला को अपनी कंपनी में वेब डेवलपर के तौर पर दिखाया था. वास्तव में यह महिला अनपढ़ है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि मेडिक लाइफ कंपनी के नाम से कोई कंपनी ही नहीं है. यानी ठगों ने पूरी फर्जी कंपनियां बनाईं थीं. बाद में कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए एक कॉर्पोरेट खाता खोलने के लिए बैंक में आवेदन किया. खाता खुलवाने के बाद सैलरी स्लिप के आधार पर कर्मचारियों के नाम से क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर लिए थे. बाद में अलग-अलग जगहों पर इस कार्ड को स्वाइप किया और बैंक को चूना लगाया.

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