110 लड़कियों को मारा, खुद को समझता था भगवान, 350 को दिया ‘मोक्ष’! कहानी सबसे बड़े सीरियल किलर की…

Child murderer and rapist Pedro Lopez story: चाइल्ड मर्डरर और रेपिस्ट पेड्रो लोपेज (Child murderer and rapist Pedro Lopez) ने अकेले 350 से अधिक लोगों को अपने हाथों से मौत के घाट उतारा था. यही कारण है कि इसे दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा और खतरनाक सीरियल किलर माना जाता है. चलिए आपको इसकी पूरी कहानी बताते हैं.
Story of the world’s worst serial killer: रेपिस्ट, सीरियल किलर और खूनियों की कहानियां तो आपने खूब सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं दुनिया के सबसे बड़े खूनी दरिंदे की कहानी. इस अकेले दरिंदे ने 350 से अधिक लोगों को अपने हाथों से मौत के घाट उतारा था. यही कारण है कि इसे दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा और खतरनाक सीरियल किलर माना जाता है. नाम है- चाइल्ड मर्डरर और रेपिस्ट पेड्रो लोपेज (Child murderer and rapist Pedro Lopez). जिसे ‘द मॉन्स्टर ऑफ द एंडस’ (The Monster of the Andes) के नाम से भी जाना जाता है.
पेड्रो लोपेज ने चंद सालों के भीतर 350 कत्ल किए, जिनमें सबसे ज्यादा 7 से 12 साल की बच्चियों की संख्या थीं. ये हैवान उन बच्चियों को अपना निशाना बनाता जो मासूम और गरीब होतीं. इन बच्चियों को ये चॉकलेट या दूसरी चीजों का लालच देकर सुनसान जगह पर ले जाता. फिर इन बच्चियों के साथ अपनी हवस मिटाता और फिर उनका वहीं कत्ल कर देता. एक इंटरव्यू में उसने बताया था कि, वह हर हफ्ते तीन बच्चियों के साथ बलात्कार और उनका कत्ल करता था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि पेड्रो लोपेज को 1980 में 110 लोगों की जान लेने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद उसने खुद 350 लोगों का मर्डर करने का बड़ा खुलासा किया था.
कैसे बना सीरियल किलर
जानकारी के मुताबिक 1969 में कार की चोरी के इल्जाम में जेल गया, यहीं से लोपेज ने खूनी खेल खेलना शुरू किया. दरअसल साल 1969 में पेड्रो को एक कार चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. सजा के दौरान उसी जेल में बंद कुछ और बदमाशों ने पेड्रो के साथ शारीरिक शोषण किया. इसने बदला लेने के लिए उन चारों का कत्ल कर दिया. बस ये शुरुआत थी इसके हैवान बनने की. जब अपनी सजा काटकर ये बाहर आया तो इसने वो किया जिसकी कल्पना से भी डर लगता है.
वह बड़ी ही चालाकी से अपने प्लान को अंजाम देता. पहले तो वह एक सेल्समैन (Salesman) बनने का नाटक करता था, जो अपना रास्ता भटक गया है. फिर वह बच्चों को लालच देकर, उन्हें बहला-फुसला कर दूर ले जाता था. कई बार वह उनका अपहरण और रेप करने के बाद उन्हें मार डालता था. कत्ल के बाद ये लाशों को वहीं गाड़ देता था. हैरान करने वाली बात ये थी कि ये मानता था कि ऐसा करके ये बच्चियों को उनकी गरीबी और उनके दुखों से मुक्ति दे रहा है. वह उन बच्चियों को डॉल (Doll) कहता था और उसे लगता था वह उन्हें बचा रहा है और वह खुद को भगवान समझने लगता.
साल 1980 में पेड्रो को एक लड़की के साथ रेप करने के बाद कुछ ट्राइबल्स ने पकड़ भी लिया था, लेकिन मिशनरिज ने इसे छुड़ा लिया और कहा कि इसे कानून हवाले किया जाना चाहिए. लंबे ट्रायल के बाद लोपेज को दोषी पाया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि वह मानसिक तौर से पागल है. जिसके बाद उसे 16 साल के लिए पागलखाने भेज दिया गया. आपको बता दें कि उस वक्त मर्डर करने वालों के लिए अधिकतम 16 साल की सजा का प्रावधान होता था. 1998 में ये सीरियल किलर जेल से बाहर आ गया था. उसके बाद सालों तक इसका कोई पता नहीं रहा. साल 2002 में एक फिर पेड्रो पर मर्डर के आरोप लगे, लेकिन ये पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया. पुलिस ने इसकी तलाश की, लेकिन इस सीरियल किलर का पता नहीं लग पाया. तब से लेकर आज तक उसका कोई अता-पता नहीं है.




