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राकेश टिकैत बोले वोट के लिए देश को मंदिर-मस्जिद और जिन्ना में उलझाएंगे

कृषि कानूनों की वापसी के बाद भी किसान लगातार दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि सरकार संसद में कानून वापस ले और एमएसपी पर गारंटी कानून बनाए। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने ‘एजेंडा कार्यक्रम’ में भी बातचीत की। हालांकि इस दौरान उन्होंने सरकार पर तंज कसने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि ये लोगों को केवल मंदिर-मस्जिद और जिन्ना में उलझा कर रखना चाहते हैं।
‘एजेंडा आजतक’ में भाजपा नेता ने कहा कि पहले भी लोग कहते थे कि तारीख कब बताएंगे, लेकिन तारीख भी बताई और मंदिर का निर्माण भी शुरू हो गया। इस बात पर भाजपा सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “इस देश को वोट के लिए मंदिर-मस्जिद और जिन्ना के भूत में उलझाएंगे, लेकिन यह नहीं बताएंगे कि आलू के किसान आत्महत्या कर रहे हैं।”
राकेश टिकैत ने अपनी बात को बढ़ाते हुए आगे कहा, “50 क्विंटल धान किसान अपना नहीं बेच पाता है, लेकिन व्यापारी 20-20 हजार क्विंटल धान कहां बेचता है, वो हमें बता दो। इन्हें व्यापारियों की चिंता है, किसान की नहीं, जिस दिन चिंता हो जाएगी, गारंटी कानून अपने आप बन जाएगा। व्यापारी सस्ते में खरीदता है, अधिकारी, सरकार और व्यापारी मिले हुए हैं।”
शो के बीच न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी ने राकेश टिकैत से सवाल किया, “जब तक चुनाव हो नहीं जाता, आप नेता बनकर ही सबके बीच रहना चाहते हैं?” उनकी बात पर किसान नेता ने जवाब दिया, “चुनाव तो पांच साल में पॉलिटिकल फूल खिलता है। इस वक्त सरकार से जो लेना है ले लो। चुनाव लड़ना इनका धर्म है। गांव, गरीब, किसान और आदिवासी का चेहरा बनो, दूसरे मुद्दे में मत उलझाओ।”
राकेश टिकैत ने अपने बयान में आगे कहा, “लोगों को मंदिर-मस्जिद, जिन्ना के भूत में मत उलझाओ।” उनकी बात पर न्यूज एंकर ने सवाल किया कि क्या राम मंदिर नहीं बनना चाहिए? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “वो तो कोर्ट बना रहा है, उसमें कहां दिक्कत है। राम हमारे पूर्वज थे। लेकिन इनका कहां है वह, वो कोर्ट ने बनाया। वो 2023 में खुलेगा, चुनाव से पहले। हर दीए में से ये वोट तलाशते हैं।”

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