![]()
केंद्र के तीन नए विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा के एकदिवसीय सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें भाजपा नेताओं पर दया आती है, जिन्हें केंद्र के हर फैसले के साथ ‘वाह क्या मास्टरस्ट्रोक है’ कहना पड़ता है। फिर चाहे वो कृषि कानून लाना हो या फिर उन्हें वापस लेना।
केजरीवाल ने कहा कि बेशर्मी की भी हद होती है।मैं भाजपा नेताओं के लिए यही कह सकता हूं कि मुझे आप लोगों पर बहुत दया आती है। आपके नेताओं ने आपकी क्या गत बना दी है। भगवान ऐसा किसी के साथ ना करे।
केजरीवाल ने कहा कि यह सरकार का घमंड था कि उन्होंने सोचा कि वे संसद में कोई भी विधेयक पारित कर सकते हैं। उन्हें लगा कि किसान आएंगे, कुछ दिन विरोध करेंगे और फिर वापस चले जाएंगे।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किसानों को उनके आंदोलन की सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी जीत, लोकतंत्र की जीत है और आम आदमी पार्टी की सरकार उनकी मांगों का समर्थन करती है और हम किसानों के साथ हैं। किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर दिल्ली विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब केंद्र ने ‘आप’ सरकार से पंजाब से आने वाले किसानों को स्टेडियम के अंदर रखने के लिए कहा, तो उन्होंने एक प्रदर्शनकारी के रूप में अपने अन्ना आंदोलन के दिनों को याद किया। केजरीवाल ने कहा कि मैंने भी एक स्टेडियम में भी रातें बिताई हैं। मुझे पता था कि यह विरोध को विफल करने का एक तरीका था। हमने किसानों के साथ ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। इसे लेकर केंद्र सरकार हमसे नाराज थी। वैसे भी केंद्र सरकार किसी भी मामले में हमेशा हमसे नाराज रहती है।
