राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस की विचाराधारा नफरत वाली बताया

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्धा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ट्रेनिंग प्रोग्राम को वर्चुअली संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस की विचाराधारा पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम में राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को हिंदूइज्म और हिंदुत्‍व का फर्क समझाया। राहुल गांधी ने कहा है कि हिंदू और हिंदुत्व अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा है कि आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा नफरत भरी है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, आज हम माने या न माने आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी की नफरत भरी विचारधारा कांग्रेस पार्टी की प्रेममयी, स्नेही और राष्ट्रवादी विचारधारा पर भारी पड़ गई है। क्योंकि हमने इसे अपने लोगों के बीच आक्रामक रूप से प्रचारित नहीं किया है। हमें इसे स्वीकार करना ही होगा, लेकिन हमारी विचारधारा जिंदा है, जीवंत है। कांग्रेस ऐसी विचारधारा का पालन करती है, जो हजारों सालों से भारत में मौजूद है।
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को हिंदुत्व और हिंदूइज्म के बीच अंतर बताते हुए कहा कि, हिंदुत्व और हिंदूइज्म में क्या अंतर है, क्या वे एक ही चीज हो सकते हैं? अगर वे एक ही चीज हैं, तो उनका एक ही नाम क्यों नहीं है? वे स्पष्ट रूप से अलग चीजें हैं। क्या सिख या मुसलमान को पीटना हिंदू धर्म है? क्‍या हिंदूइज्‍म का मतलब सिख या मुसलमान को पीटना है? क्‍या हिंदूइज्‍म अखलाक को मारने के बारे में है? किस किताब में ऐसा लिखा है? मैंने उपनिषद पढ़े हैं, मगर ऐसा नहीं देखा। कहां ऐसा लिखा है कि आप किसी निर्दोष की हत्‍या कीजिए?’ मैं इसे हिंदुत्व में देख सकता हूं।इस भाषण में राहुल ने सलमान खुर्शीद और उनकी किताब का नाम तो नहीं लिया है लेकिन जिस तरह से उन्होंने हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर जो बातें कहीं हैं वह खुर्शीद की सोच का समर्थन करने वाला है। राहुल गांधी ने कहा कि, 2014 से पहले विचारधारा की ​लड़ाई केंद्रित नहीं थी,लेकिन आज के हिन्दुस्तान में विचारधारा की लड़ाई सबसे महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्‍होंने कहा, ‘एक बार चीन के कुछ नेता आए थे। मैंने उनसे पूछा कि आप लोग कहते हो कि आप कम्‍युनिस्‍ट हो, फिर आप कहते हैं कि आप कम्‍युनिस्‍ट में भी चीनी विशेषताओं वाले हो। तो आप मुझे यह बता दो कि आप कम्‍युनिस्‍ट हो या आपके अंदर चीनी विशेषताएं हैं, दोनों तो हो नहीं सकतीं। क्‍योंकि अगर आप कम्‍युनिस्‍ट हो तो आपको कम्‍युनिस्‍ट ही कहलाना चाहिए, तो मुस्‍कुराने लगे।’ राहुल ने कहा, ‘सिम्‍पल सा लॉजिक है… अगर आप हिंदू हो हिंदुत्‍व की क्‍या जरूरत? ये नए नाम की क्‍या जरूरत?’