धर्म

क्या सच में वर्जित है निर्वस्त्र स्नान, शास्त्रों में क्या है उल्लेख, जानिए इसके शुभ-अशुभ परिणाम

सनातन धार्मिक शास्त्रों में कई ऐसे नियमों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें मनुष्य की दिनचर्या से जोड़कर बनाया गया है. बहुत से ऐसे लोग हैं जो इन नियमों का पालन नहीं करते. परंतु कई लोग ऐसे भी हैं जो इन नियमों को मानते भी हैं उनका पालन भी करते हैं और अपने जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त करते हैं.

शास्त्रों में निर्वस्त्र स्नान करने से अनेक समस्या होने के बारे में बताया गया है.

अक्सर आपने घर के बड़े बुजुर्गों से बहुत सी चीजों को लेकर रोक-टोक करते हुए सुना होगा. उनके रोकने टोकने के पीछे हिंदू धार्मिक ग्रंथों के कई ऐसे नियम है जिन्हें मानना हर व्यक्ति के लिए लाभकारी हो सकता है. इनमें मनुष्य के सुबह उठने से लेकर रात में सोने, खाने यहां तक कि नहाने तक के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है तो उसके जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. इसी क्रम में आज हम जानेंगे भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि शास्त्रों के अनुसार निर्वस्त्र होकर नहाना शुभ होता है या अशुभ.

पौराणिक कथा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक बार की बात है एक सरोवर में गोपियां निर्वस्त्र होकर स्नान कर रही थीं. इस दौरान बालकृष्ण में उन सभी के वस्त्र छुपा दिए. ये देख गोपियां हैरान और परेशान हो गईं और उनसे अपने वस्त्र वापस देने के लिए आग्रह करने लगीं.

भगवान कृष्ण ने सभी गोपियों को वस्त्र वापस देते हुए इस बात का बोध कराया कि कभी भी निर्वस्त्र होकर स्नान नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से जल के देवता वरुण का अपमान होता है. ना सिर्फ खुले स्थान पर बल्कि बंद बाथरूम में भी किसी भी मनुष्य को निर्वस्त्र स्नान नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से उन्हें शारीरिक और आर्थिक परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है.

नकारात्मकता का भय

प्रचलित मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति निर्वस्त्र होकर स्नान करता है तो उसके शरीर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. जिसकी वजह से उस व्यक्ति की मानसिकता भी नकारात्मक हो जाती है.

लग सकता है पितृदोष

गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति निर्वस्त्र होकर स्नान करता है उसे पितृदोष लग सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यता है कि मृतक पूर्वज आपके आसपास ही मौजूद होते हैं. ऐसा करने से आपके पितरों को तृप्ति नहीं मिलती जो पितृदोष का कारण बन सकता है. इससे पूर्वज नाराज होकर बल, धन, सुख और तेज को हानि पहुंचा सकते हैं.

रूठ सकती हैं माता लक्ष्मी

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति बिना कपड़ों के स्नान करता है उससे धन की देवी मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं. मां लक्ष्मी के नाराज होने से मनुष्य की कुंडली में धन योग कमजोर हो सकता है और उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है.

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