गुजरात

सूरत / स्टेशन पर कैटरिंग वेंडर्स को मिली नीली टीशर्ट, लिखा- ‘मैं बिल नहीं दूं तो मेरी शिकायत करें’

  • अब तक कैटरिंग वेंडर्स ब्रिटिशकालीन यूनिफॉर्म पहनते थे
  • भारतीय रेलवे में यह कॉन्सेप्ट पहली बार सूरत से प्रायोगिक तौर पर शुरू किया, सीनियर डीसीएम ने दी मंजूरी

सूरत. सूरत रेलवे स्टेशन पर कैटरिंग स्टाॅल वेंडर्स अब ब्रिटिश कालीन खाकी की बजाय नीली आसमानी ड्रेस पहने दिखेंगे। जिसमें उनके नाम और उनके कॉन्ट्रेक्टर के नाम के साथ ही नो बिल नो पेमेंट कैंपेन को प्रमोट करने के साथ खानपान शिकायत नंबर भी लिखा है। वेंडर भुगतान करने के बाद बिल नहीं देता है तो उसी की टीशर्ट पर लिखे नंबर पर शिकायत की जा सकेगी।

वेंडर्स की ओवर चार्जिंग को रोकने के लिए इस ड्रेस पर उनकी आइडेंटिटी भी लिखी होगी। यह प्रायोगिक तौर पर सूरत स्टेशन से शुरू किया गया है। मुंबई मंडल की सीनियर डीसीएम जागृति सिंगला ने इसे मंजूरी दी। इसके अलावा यात्रियों को डिजिटल पेमेंट मोड को लेकर भी इसमें भीम को प्रोमोट किया गया।

बिल नहीं दिया तो यात्रियों को दिए मुफ्त में सामान : सूरत स्टेशन पर बुधवार को अभियान के शुरू होने से पहले एसीएम प्रकाश परमार, सीएमआई गणेश जाधव और डिप्टी एसएस आनंद शर्मा ने सभी कैटरिंग स्टाॅल्स का निरीक्षण किया, जिसमें प्लेटफार्म के 6 वेंडर्स के स्टाॅल पर साफ सफाई की कमी पाई गई। जबकि, नो बिल नो पेमेंट के तहत यात्रियों को बिल भी नहीं इश्यू किया गया, जिसके बाद लगभग 20 यात्रियों को नो बिल नो पेमेंट के तहत मुफ्त में सामान दिलाया गया।

अवैध और बाहरी वेंडर्स पर रोक लगाना है मकसद : सूरत स्टेशन के निदेशक सीआर गरुडा और वाणिज्य निरीक्षक गणेश जाधव ने बताया कि नई ड्रेस का मकसद स्टेशन पर अनधिकृत और बाहरी वेंडर्स की मनमानी पर रोक लगाना है। नो बिल नो पेमेंट कैंपेन पूरे भारतीय रेल में चल रहा है, इसलिए हमने ड्रेस पर नो बिल नो पेमेंट नो टिप्स स्लोगन और खानपान में अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो इसके लिए एक शिकायत नंबर लिखा है।

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